सेंसेक्स 270 अंक गिरकर 31524 पर बंदः 9850 के नीचे फिसला निफ्टी

आज का दिन घरेलू बाजारों के लिए बेहद खराब साबित हुआ है. इंफोसिस के सीईओ और एमडी विशाल सिक्का के इस्तीफा देने की खबरों के चलते आज इंफोसिस के शेयर में 13 फीसदी की गिरावट देखी गई. बाजार को नीचे खींचने में इसी का सबसे बड़ा हाथ रहा. ग्लोबल संकेतों ने भी बाजार को कोई सपोर्ट नहीं दिया.

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बैंकों की 22 अगस्त को देशभर में हड़ताल, केंद्र की नीतियों का कर रहे विरोध

बैंकिंग क्षेत्र की ट्रेड यूनियनों के प्रमुख निकाय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियंस (यूएफबीयू) ने केंद्र के प्रस्तावित सुधारों के खिलाफ 22 अगस्त को बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है.यूएफबीयू के पश्चिम बंगाल के संयोजक सिद्धार्थ खान ने कहा कि सरकार सुधारों के नाम पर भारतीय बैंकिंग क्षेत्र का निजीकरण और एकीकरण करना चाहती है.

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टेलीकॉम सेक्टर में रोजगार के नए अवसर, 30 लाख नई नौकरियां

देश में 4जी तकनीक के आने, डेटा के उपभोग में वृद्धि, बाजार में नई कंपनियों के आने, डिजिटल वॉलेट शुरू होने और स्मार्टफोन की लोकप्रियता में इजाफा होने से प्रौद्योगिकी की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे दूरसंचार क्षेत्र में रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं और 2018 में इस क्षेत्र में 30 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी. एक अध्ययन में गुरुवार को यह जानकारी दी गई.

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100 घंटे तक तनाव झेलने के बाद इस्तीफा देकर विशाल सिक्का ने कही अपने मन की बात

बैंगलुरु: देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के सीईओ और एमडी के पद से इस्तीफा देने के बाद विशाल सिक्का ने अपने मन की बात कही. सिक्का ने अपने इस्तीफे में कहा है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद, झूठे साबित हुए हैं. लगातार उनके काम में रुकावट डाली गई. उन्होंने आगे कहा कि बढ़ते तनाव के बीच उन्होंनें 100 घंटे से ज्यादा बिताए हैं.

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GST के तहत दूध-दही, सब्जी जैसी आम इस्तेमाल की चीजों को ई-वे बिल से छूट

एलपीजी, केरोसिन, आभूषण और मुद्रा उन वस्तुओं में शामिल हैं जिन्हें माल एवं सेवाकर जीएसटी व्यवस्था के तहत परिवहन में इलेक्ट्रॉनिक परमिट लेने से छूट होगी. देश में जीएसटी व्यवस्था एक जुलाई से लागू हो गई है. जीएसटी व्यवस्था में 50,000 रुपये मूल्य से अधिक के माल को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजे जाने पर ई-वे बिल लेने का प्रावधान किया गया है ताकि कर चोरी पर नजर रखी जा सके.

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7.5 फीसदी ग्रोथ का लक्ष्य मुश्किल, ब्याज दर में कटौती की और गुंजाइश: आर्थकि सर्वेक्षण-2

संसद में रखे गये आर्थकि सर्वेक्षण में कहा गया है कि 2016-17 में 6.75 से 7.5 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के अनुमान के उच्चतम दायरे 7.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का हासिल होना मुश्किल होगा. सर्वेक्षण में कहा गया है कि यह मुश्किल रुपये की विनिमय दर में तेजी, कृषि रिण माफी और माल एवं सेवा कर जीएसटी को लागू करने से संबंधित शुरुआती चुनौतियों के कारण होगी.

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नोटबंदी का असर: बिगड़ी RBI की बैलेंसशीट, आधी हुई सरकार की कमाई

रिजर्व बैंक ने सरकार को जून 2017 को समाप्त वित्त वर्ष में 30,659 करोड़ रुपये का लाभांश देने की घोषणा की है. यह पिछले साल के मुकाबले करीब आधा है. विश्लेषकों के अनुसार नोटंबदी के कारण नये नोटों की छपाई समेत अन्य कारणों से लाभांश में कमी आयी है. पिछले वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक ने सरकार को लाभांश के रूप में 65,876 करोड़ रुपये दिया था.

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NCLT ने जेपी इन्फ्राटेक को दिवालिया श्रेणी में डाला, हजारों निवेशकों की बढ़ी मुश्किल

नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल की इलाहाबाद बेंच ने आईडीबीआई बैंक की याचिका को स्वीकार करते हुए जेपी इन्फ्राटेक को दिवालिया कंपनियों की श्रेणी में डाल दिया है। 8,365 करोड़ रुपये के कर्ज में फंसी कंपनी को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए अब 270 दिनों का समय दिया जाएगा यदि इस बीच कंपनी की वित्तीय स्थिति नहीं बदली तो उसकी संपत्ति जब्त हो जाएगी। यह उन हजारों लोगों के लिए भी बड़ा झटका है जिन्होंने जेपी समूह में निवेश किया है।

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GST: 10% तक महंगी हो सकती हैं SUV-लग्जरी कारें

SUV, मीडियम साइज, बड़ी और लक्जरी कारें अब महंगी हो जाएंगी क्योंकि GST काउंसिल ने इन पर सेस की दर को मौजूदा 15% से बढ़ाकर 25% करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. याद हो कि माल एवं सेवाकर GST के लागू होने के बाद इनकी कीमतें कम हो गईं थी. जीएसटी के तहत कारों को उच्चतम दर 28% टैक्स की श्रेणी में रखा गया है.

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पेट्रोल पंप डीलरों के कमीशन में हुई 59% तक की बढ़ोतरी

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल पंप डीलरों का पेट्रोल के लिए कमीशन में 43% तक तथा डीजल के लिए 59% तक बढ़ा दिया है. इस फैसले की घोषणा करते हुए इंडियन आयल कारपोरेशन के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि पेट्रोल पंप डीलरों को इससे पहले प्रति लीटर के लिए एक निश्चित राशि दी जाती रही है, यह सभी आपरेटरों के लिए समान होती है और इसका उनके कारोबार के आकार से कोई लेना देना नहीं था.

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